Welcome to Surabhi Shodh Sansthan...

5/23/2013



INTROduction of Surabhi Shodh Sansthan...

5/23/2013

सुरभि शोध संस्थान ने सर्वप्रथम गोसदन का सफल प्रयोग रामेश्वर गोशाला में किया. यह गोशाला वाराणसी की पंचक्रोशी परिक्रमा के अंतर्गत तीसरे पड़ाव पर स्थित है. शहर के इसकी दूरी १६ किलोमीटर है. जहाँ गोशाला के अलग-अलग भूखंडों में कतल से बचाए गए गोवंश को सुरक्षित किया जाता है और उन्हें संरक्षित व उपयोगी बनाकर समग्र विकास का कार्य किया जाता है. ६० हजार गाय-बैल बचे. कृषकों, गोपालकों, जरूरतमंदो, गाड़ीवाहनों को बैल दिये गए. बीमार, बूढें मरणासन्न अनुपयोगी गोवंश को समुचित चिकित्सा तथा संतुलित दाना-पानी देकर उपयोगी बनाया गया. उनके गोबर-गोमूत्र से ऊसर भूमि सुधारी, गोबर संयंत्र लगाये गए. गोबर गैस की स्लरी और नडेप कम्पोस्ट खाद बनाकर खेतों को रासायनिक उर्वरकों के प्रदूषण से बचाया. गोशाला की १०५ एकड़ भूमि पर कृषि कार्य हो रहा है. फल देने वाले वृक्ष लगाये गए, इसके अतिरिक्त मेड़ो पर इमारती लकड़ी के दीर्घकालीन आय वाले वृक्ष भी लगाये गए....



NEWS

  • गाय के लिए गोग्रास योजना को विकसित करने के लिए समाज से अपील
  • भूसे के सीजन में गोवंश के लिए पर्याप्‍त भण्‍डारण पर बल।
  • श्री देवशिला जालान छात्रावास का वार्षिक उत्‍सव विगत 11 अप्रैल को नौगढ़ में हुआ।
  • मिरगी जागरूकता अभियान का अगला कैम्‍प 5 मई 2013 को डगमगपुर में आयोजित है।
  • अधिक जानकारी के लिए श्री पावस श्रीवास्‍तव मोबइल नम्‍बर 9450230464 पर संपर्क करें।